दुखद : बैजनाथ क्षेत्र में दो दिन में 4 लोगों ने मौत को लगा लिया गले !

बैजनाथ। आत्महत्या एक ऐसा शब्द है, जो हर किसी को झकझोर कर रख देता है। ऐसी स्थिति समाज में क्यों उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के कदम उठाना होगा। आत्महत्या से भले ही एक शख्स अपने दुखों से दूर जाने का प्रयास करता हो। लेकिन वो यह भूल जाता है कि उसके जाने से उसके परिवार, उसके माता पिता की क्या स्थिति होगी, उन पर क्या गुजरेगी। जिला कांगड़ा के बैजनाथ क्षेत्र में दो दिन में चार लोगों ने मौत को गले लगा लिया। हालांकि अभी चारों की मौत की सही पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन प्रारंभिक जांच में ये चारों मामले आत्महत्या के लग रहे हैं।

पहला मामला वीरवार को सामने आया था। इसमें बैजनाथ के सकड़ी गांव में एक महिला का फंदे से लटका हुआ शव मिला था। उपप्रधान ग्राम पंचायत सकड़ी ने थाना बैजनाथ में सूचना दी कि सरला देवी पत्नी महेंद्र चंद गांव व डाकघर सकड़ी तहसील बैजनाथ जिला कांगड़ा आयु 58 साल का शव अपने घर की छत के गाडर के साथ लटका हुआ है। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है।

वहीं वीरवार शाम को कुदैल में भी एक युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रधान ग्राम पंचायत कुदैल अनूप राणा ने थाना में सूचना दी कि कुमारी रशमी पुत्री नेम पाल, गांव व डाकघर सरताल, तहसील विलारी, मुरादाबाद आयु 15 साल जो अपने माता-पिता के साथ कुदैल में किराए के मकान पर रहती थी ने अपने घर की छत के गाडर के साथ फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। उक्त युवती गांव में ही एक निजी स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा थी।

कंदराल में एक व्यक्ति की जहर खाने से मौत हो गई। अनिल कुमार पुत्र जुल्फी राम आयु 45 साल के परिजनों ने देखा कि अनिल कुमार ने जहर का सेवन कर लिया है। उस की बिगड़ती हालत को देख कर उसके परिजन उसे सिविल अस्पताल बैजनाथ ले आए, जहां उपचार के दौरान उस की मौत हो गई।

चौथे मामले में खड़ानाल पंचायत में एक व्यक्ति का शव घर मे लटका हुआ मिला है। व्यक्ति की पहचान महिंद्र आयु 35 साल पुत्र सरवन सिंह निवासी खड़ानाल तहसील बैजनाथ के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक किसी प्राइवेट बस में चालक था। जबकी मृतक की अपनी पत्नी से अनबन रहती थी जो कि अपने मायके में दो बच्चों के साथ रहती थी। जब वह अपनी ड्यूटी से वापिस घर आया और अपने कमरे में जा कर सो गया। काफी देर तक परिजनों द्वारा आवाज लगाने के वाद भी नही उठा तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ कर अंदर देखा कि महिंद्र का शव लटकते मिला। तुरंत पंचायत को सूचना मिली और पुलिस को मौके पर बुलाकर शव को नीचे उतारा। डीएसपी बैजनाथ बीडी भाटिया के अनुसार प्रारंभिक जांच में चारों मामले आत्महत्या के लग रहे हैं।

उधर, मनोचिकित्सक कहते हैं कि सुसाइड के बारे में सोचने वालों के लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। जो भी व्यक्ति मानसिक परेशानी से जूझ रहा हो, ज्यादा दुखी हो और किसी भी चीज में मन न लग रहा हो, उससे बात जरूर करें। उन्हें अकेला न छोड़ें। बीमार व्यक्ति को मनोचिकित्सक से सलाह लेने के लिए प्रेरित करें। कोरोना के समय में हम समाज से थोड़ा कट गए हैं और अकेलापन ज्यादा महसूस हो रहा है। यदि किसी के मन में लगातार किसी परेशानी से ऐसे विचार आ रहे हों, तो वो मनोचिकित्सक की जरूर सलाह लें। यदि आपके आसपास भी कोई परेशानी से जूझ रहा है और तनाव का शिकार हो रहा है। तो उसे मनोचिकित्सक के पास जरूर लेकर जाएं। जिला कांगड़ा में टांडा अस्पताल में मनोचिकित्सा विभाग काम कर रहा है।

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