हिमाचल में 18 से 45 वर्ष के लोगों के टीकाकरण में होगी देरी, नहीं हुई रजिस्ट्रेशन, जानिए कारण

शिमला। हिमाचल प्रदेश में 18 से 45 वर्ष तक की आयु वालों का टीकाकरण देरी से शुरू होगा। इसमें तीन से चार सप्ताह का समय लग सकता है। हिमाचल सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कंपनी को वैक्सीन की 73 लाख डोज की डिमांड भेजी थी, लेकिन कंपनी का कहना है इसमें समय लगेगा। यह आर्डर 24 अप्रैल को दिया गया था। प्रदेश में कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण पहली मई से प्रस्तावित था, इसके लिए बुधवार को पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। लेकिन इसमें अधिकांश लोग अपना पंजीकरण नहीं करवा पाए। इस आयु वर्ग के प्रदेश में 32.50 लाख लोग हैं। 18 से 45 वर्ष तक की आयु वालों को वैक्सीन देने का खर्च केंद्र व राज्य सरकार आधा-आधा उठाएंगी। इसके लिए करीब 350 करोड़ रुपये के खर्च होने का अनुमान है। प्रदेश में 45 वर्ष से अधिक आयु के 21 लाख लोग हैं, जिन्हें कोविड वैक्सीन लगनी है। अभी तक 16.30 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प्रदेश की कुल जनसंख्या करीब 72 लाख है।

तीन से चार सप्ताह बाद ही शुरू होगा तीसरा चरण
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी का कहना है 18 से 45 वर्ष तक की आयु वालों के लिए सीरम कंपनी से वैक्सीन मंगवाई है। इसमें तीन से चार सप्ताह का समय लगेगा। उसके बाद ही तीसरा चरण आरंभ होगा। 18 से 45 वर्ष तक की आयु वालों के लिए टीकाकरण पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार शाम चार बजे से आरंभ हुई। पहले ही दिन लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ओटीपी के लिए कई बार प्रयास करना पड़ा। पंजीकरण के लिए मोबाइल फोन नंबर डालना होता है। उसके बाद ही प्रक्रिया होती है, जिसमें अपनी जानकारी भी देनी होती है। प्रदेश में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नए निजी कोविड टीकाकरण केंद्र (पीसीवीसी) के पंजीकरण के लिए नामित किया गया है। इसके अलावा वेबसाइट में हिमाचल की लोकेशन में 18 से अधिक उम्र के लिए स्लाट भी नहीं दिखा।

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